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Top 50+ Dard bhari shayari - दर्द भरी शायरी

Dard bhari shayari - दर्द भरी शायरी
Dard bhari shayari
Dard bhari shayari




Dard bhari shayari : हेलो दोस्तो मैं हिंदी और अंग्रेजी फ़ॉन्ट में कुछ नवीनतम dard bhari shayari साझा कर रहा हूं।दोस्तों, आज हर नौजवान की गर्लफ्रेंड/प्रेमी हैकुछ जोड़े तब भी टूट जाती हैं, किसी को भूलना मुश्किल हैगोलमाल का दर्द अविनाशी हैतो शब्दों में अपने दर्द की व्याख्या करेंदुख एक भावना या भावना का एक प्रकार है जो एक इंसान को जीवन की विभिन्न स्थितियों में हो सकता है।हिंदी में dard bhari shayari करने में मदद करती है जब आपके पास शब्द नहीं होते हैंइसलिए दोस्तों में हमारे पास हिंदी में प्रेम का दर्जा, सर्वोत्तम dard bhari shayari, sad status आदि का विभिन्न संग्रह है।लेकिन ज्यादातर dard bhari shayari खोजते हैं।यहां, हम आपके लिए हिंदी में सबसे अच्छा दुखी व्हाट्सएप स्टेटस का संग्रह साझा करने जा रहे हैं।आप हिंदी में प्रेम स्थिति का हमारे संग्रह भी पसंद करेंगे।

 dosto aaj hum aap k liye laaye dard bhari shayari kaa new collection laaye hai. Aaj Kal bhot se ladke ladkiyo kaa breakup hota hai yaa kisi wjese unko dukh hota hai to us dukh ko sajha Karne k liye dard bhari shayari ki jarurat padhti hai. Aap yeh dard bhari shayari apne whatsapp, Facebook, Instagram ya Twitter par share Kar sakte hai. Humne ummid hai apko humari dard bhari shayari pasand ayege. Humne 20+ dard bhari shayari niche likhe hai. Yeh dard bhari shayari ladko ya ladkiyo dono k liye hai.







Dard bhari shayari {1}

हर ख़ुशी के पहलू हाथों से छूट गए;
अब तो खुद के साये भी हमसे रूठ गए;
हालात हैं अब ऐसे ज़िंदगी में हमारी;
प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए।






Dard bhari shayari {2}

जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था;
हमसा कोई किस जुर्म में आया भी न था!
न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी;
हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था!






Dard bhari shayari {3}

मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना;
भूल जाना मेरा ख्याल ना करना;
हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे;
पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!






Dard bhari shayari {4}

एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए;
कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए;
उनका मिलना ही मुक़द्दर में न था;
वर्ना क्या कुछ नहीं किया उनको पाने के लिए।






Dard bhari shayari {5}

अपनी आँखों के समंदर में उत्तर जाने दे;
तेरा मुज़रिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे;
ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको;
सोचता हूँ कहूँ तुझसे, मगर जाने दे।






Dard bhari shayari {6}

कही ईसा, कहीं मौला, कहीं भगवान रहते है;
हमारे हाल से शायद सभी अंजान रहते हैं;
चले आये, तबीयत आज भारी सी लगी अपनी;
सुना था आपकी बस्ती में कुछ इंसान रहते है। 







Dard bhari shayari {7}

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है;
जिसका रास्ता बहुत खराब है;
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा;
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।






Dard bhari shayari {8}

रोते रहे तुम भी, रोते रहे हम भी;
कहते रहे तुम भी और कहते रहे हम भी;
ना जाने इस ज़माने को हमारे इश्क़ से क्या नाराज़गी थी;
बस समझाते रहे तुम भी और समझाते रहे हम भी।






Dard bhari shayari {9}

दर्द दे गए सितम भी दे गए;
ज़ख़्म के साथ वो मरहम भी दे गए;
दो लफ़्ज़ों से कर गए अपना मन हल्का;
और हमें कभी ना रोने की कसम दे गए।








Dard bhari shayari {10}

वो हमें भूल भी जायें तो कोई गम नहीं;
जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं;
जाने कैसे ज़ख़्म दिए हैं उसने इस दिल को;
कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।







Dard bhari shayari {11}

भटकते रहे हैं बादल की तरह;
सीने से लगालो आँचल की तरह;
गम के रास्ते पर ना छोड़ना अकेले;
वरना टूट जाएँगे पायल की तरह।







Dard bhari shayari {12}
  
हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे;
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे;
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया;
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे।







Dard bhari shayari {13}

बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी;
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी;
मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ;
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।






Dard bhari shayari {14}

एक अजीब सा मंजर नज़र आता है;
हर एक आँसूं समंदर नज़र आता है;
कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना;
हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है।






Dard bhari shayari {15}

समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया;
इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया;
ये मंज़र भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में;
टूटा-फूटा ​ बचा​ रहा है, अच्छा ख़ासा टूट गया।







Dard bhari shayari {16}

काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती!
न हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती! 






Dard bhari shayari {17}

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ;
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ;
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश;
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।






Dard bhari shayari {18}

हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने;
तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने;
तू छोड़ गया जहाँ हमें राहों में अकेला;
बस तेरे दिए ज़ख्म हर एक से छिपाए हमने।






Dard bhari shayari {19}

आँखों में रहा दिल में उतर कर ना देखा;
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर ना देखा;
पत्थर मुझे कहता है मुझे चाहने वाला;
मैं मोम हूँ उसने मुझे छु कर ना देखा।







Dard bhari shayari {20}

वो तो अपने दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;
हमारी तन्हाईयों से आँखें चुराते रहे;
और हमें बेवफ़ा का नाम मिला;
क्योंकि हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे।






Dard bhari shayari {21}

हर वक़्त तेरे आने की आस रहती है!
हर पल तुझसे मिलने की प्यास रहती है!
सब कुछ है यहाँ बस तू नही!
इसलिए शायद ये जिंदगी उदास रहती है!




Dard bhari shayari {22}

मोहब्बत करने वालों का यही हश्र होता है;
दर्द-ए-दिल होता है, दर्द-ए-जिगर होता है;
बंद होंठ कुछ ना कुछ गुनगुनाते ही रहते हैं;
खामोश निगाहों का भी गहरा असर होता है।





Dard bhari shayari {23}


हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम;
हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम;
अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला;
ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।






Dard bhari shayari {24}

मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे;
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे;
तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे।






Dard bhari shayari {25}

​दर्द से अब हम खेलना सीख गए;​
​हम बेवफाई के साथ जीना सीख गए;​
​ क्या बताएं किस कदर दिल टूटा है मेरा​;​
​मौत से पहले, कफ़न ​ओढ़ कर सोना सीख गए।






Dard bhari shayari {26}

बढ़ी जो हद से तो सारे तिलिस्म तोड़ गयी;
वो खुश दिली जो दिलों को दिलों से जोड़ गयी;
अब्द की राह पे बे-ख्वाब धड़कनों की धमक;
जो सो गए उन्हें बुझते जगो में छोड़ गयी।






Dard bhari shayari {27}

वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए!
वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए!
कभी तो समझो मेरी खामोशी को!
वो बात ही क्या जो लफ्ज़ आसानी से कह जायें! 






Dard bhari shayari {28}

वो तो अपने दर्द रो-रो के सुनते रहे;
हमारी तन्हाइयों से आँख चुराते रहे;
और हमें बेवफा का नाम मिला क्योंकि;
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे! 






Dard bhari shayari {29}

जब भी करीब आता हूँ बताने के किये;
जिंदगी दूर रखती हैं सताने के लिये!
महफ़िलों की शान न समझना मुझे;
मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये! 






Dard bhari shayari {30}

ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;
मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;
ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;
ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।






Dard bhari shayari {31}

धड़कन बिना दिल का मतलब ही क्या;
रौशनी के बिना दिये का मतलब ही क्या;
क्यों कहते हैं लोग कि मोहब्बत न कर दर्द मिलता है;
वो क्या जाने कि दर्द बिना मोहब्बत का मतलब ही क्या।






Dard bhari shayari {32}

लौट जाती है दुनिया गम हमारा देख कर;
जैसे लौट जाती हैं लहरें किनारा देखकर;
तुम कंधा ना देना मेरे जनाज़े को;
कहीं फिर से ज़िंदा ना हो जाऊँ तेरा सहारा देखकर।






Dard bhari shayari {33}

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने;
प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने;
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का;
कैसे बना था घौंसला वो तूफान क्या जाने।






Dard bhari shayari {34}

वो रात दर्द और सितम की रात होगी;
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी;
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर;
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी।






Dard bhari shayari {35}

दिल मेरा जो अगर रोया न होता;
हमने भी आँखों को भिगोया न होता;
दो पल की हँसी में छुपा लेता ग़मों को;
ख़्वाब की हक़ीक़त को जो संजोया नहीं होता।






Dard bhari shayari {36}

जमीन छुपाने के लिए गगन होता है;
दिल छुपाने के लिए बदन होता है;
शायद मरने के बाद भी छुपाये जाते हैं गम;
इसीलिए हर लाश पे कफ़न होता है।






Dard bhari shayari {37}

समझा ना कोई दिल की बात को;
दर्द दुनिया ने बिना सोचे ही दे दिया;
जो सह गए हर दर्द को हम चुपके से;
तो हमको ही पत्थर दिल कह दिया।






Dard bhari shayari {38}

रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने;
कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने;
हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो;
अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।






Dard bhari shayari {39}

जो आँसू दिल में गिरते हैं वो आँखों में नहीं रहते;
बहुत से हर्फ़ ऐसे होते हैं जो लफ़्ज़ों में नहीं रहते;
किताबों में लिखे जाते हैं दुनिया भर के अफ़साने;
मगर जिन में हकीकत हो किताबों में नहीं रहते।






Dard bhari shayari {40}

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है! 







Dard bhari shayari {41}

न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता!
न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!
क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे!
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता! 






Dard bhari shayari {42}

हुआ जब इश्क़ का एहसास उन्हें;
आकर वो पास हमारे सारा दिन रोते रहे;
हम भी निकले खुदगर्ज़ इतने यारो कि;
ओढ़ कर कफ़न, आँखें बंद करके सोते रहे।






Dard bhari shayari {43}

दर्द से दोस्ती हो गई यारो;
जिंदगी बेदर्द हो गई यारो;
क्या हुआ, जो जल गया आशियाना हमारा;
दूर तक रोशनी तो हो गई यारो!






Dard bhari shayari {44}

बीते हुए कुछ दिन ऐसे हैं;
तन्हाई जिन्हें दोहराती है;
रो-रो के गुजरती हैं रातें;
आंखों में सहर हो जाती है!






Dard bhari shayari {45}

वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती;
शर्म से आँखे झुक गई होती;
अगर दर्द जानती शमा परवाने का;
तो जलने से पहले बुझ गई होती।






Dard bhari shayari {46}

जिंदगी भर दर्द से जीते रहे;
दरिया पास था आंसुओं को पीते रहे;
कई बार सोचा कह दू हाल-ए-दिल उससे;
पर न जाने क्यूँ हम होंठो को सीते रहे।






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